यह मामला उस समय का है जब अभिनेता थलापति विजय ने अपने ही माता-पिता और 9 दूसरे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। विजय ने मद्रास हाई कोर्ट में एक सिविल सूट दर्ज किया था ताकि इन 11 लोगों को उनके नाम, फोटो या उनके फैन क्लब का इस्तेमाल किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों के लिए करने से रोका जा सके। विजय ने उस वक्त साफ किया था कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करना गलत है।
विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब विजय के पिता और निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर ने अभिनेता की सहमति के बिना एक राजनीतिक पार्टी रजिस्टर करने का कदम उठाया था। उन्होंने विजय के पुराने फैन क्लब 'विजय मक्कल इयक्कम' (VMI) को एक राजनीतिक दल में बदल दिया था। उस समय पार्टी का नाम 'ऑल इंडिया थलापति विजय मक्कल इयक्कम' रखा गया था और इसे चुनाव आयोग में पंजीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।
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पिता ने बिना पूछे बनाई पार्टी, भड़क गए विजय
उस समय जो पार्टी का ढांचा तैयार किया गया था उसमें विजय के परिवार के सदस्यों को ही सबसे मुख्य जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने खुद को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया था। वहीं विजय की मां शोभा चंद्रशेखर को पार्टी का ट्रेजरर बनाया गया था। इनके अलावा, पद्मनाभन नाम के एक व्यक्ति को पार्टी का प्रेसिडेंट नामित किया गया था। यह सब कुछ विजय की मर्जी या जानकारी के बिना किया गया था।
विजय ने पिता और प्रशासंकों को भी दी थी चेतावनी
पार्टी की खबर मिलते ही विजय ने तुरंत एक सार्वजनिक बयान जारी कर दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि उनका इस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अपने फैंस से अपील की थी कि वे सिर्फ उनके नाम की वजह से इस पार्टी से न जुड़ें। विजय ने तब यह भी स्पष्ट किया था कि वह अपने पिता के राजनीतिक फैसलों को मानने के लिए मजबूर नहीं हैं।
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विजय ने इस मामले में पूरे 11 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उनके माता-पिता के अलावा उनके पुराने संगठन के कई कार्यकार्ता और पदाधिकारी भी शामिल थे।
