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निर्यात मई के 2.29 अरब डॉलर से 58 प्रतिशत घटकर

स गिरावट के असली कारणों का तत्काल पता लगाने की जरूरत है।’’</p><p>स्मार्टफोन निर्यात मई, 2025 के 2.29 अरब डॉलर से 58 प्रतिशत घटकर अगस्त में 96.48 करोड़ डॉलर रह गया। यह गिरावट मासिक आधार पर स्थिर रही।

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श का अपने सबसे बड़े बाजार अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात मई के 2.29 अरब डॉलर से 58 प्रतिशत घटकर अगस्त में 96.48 करोड़ डॉलर रह गया।</p><p> शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने सोमवार को कहा कि यह घटनाक्रम चिंताजनक और विरोधाभासी है क्योंकि स्मार्टफोन पर कोई शुल्क नहीं है।</p><p> स्मार्टफोन के मामले अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा बाजार है।</p><p> जीटीआरआई ने कहा, ‘‘ इस गिरावट के असली कारणों का तत्काल पता लगाने की जरूरत है।’’</p><p>स्मार्टफोन निर्यात मई, 2025 के 2.29 अरब डॉलर से 58 प्रतिशत घटकर अगस्त में 96.48 करोड़ डॉलर रह गया। यह गिरावट मासिक आधार पर स्थिर रही।

 

 जून में यह दो अरब डॉलर और जुलाई में 1.52 अरब डॉलर था।</p><p> वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका 10.6 अरब डॉलर के आयात (भारत के 24.1 अरब अमेरिकी डॉलर के वैश्विक निर्यात का 44 प्रतिशत) के साथ भारत का शीर्ष स्मार्टफोन बाजार बना रहा। इसके बाद यूरोपीय संघ 7.1 अरब डॉलर (29.5 प्रतिशत) के साथ दूसरे स्थान पर रहा।</p><p> इसमें कहा गया कि शुल्क मुक्त उत्पाद की देश के अगस्त निर्यात में 28.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। इसमें 41.9 प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई जो मई के 3.37 अरब डॉलर से घटकर अगस्त में 1.96 अरब डॉलर रह गई।</p><p>

 

 

औषधि क्षेत्र में भी निर्यात में 13.3 प्रतिशत की गिरावट आई जो मई के 74.5 करोड़ डॉलर से घटकर अगस्त में 64.66 करोड़ डॉलर रह गया।</p><p> जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिका में उच्च शुल्क का सामना कर रहे भारतीय सामान के निर्यात में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।</p><p> अगस्त में आभूषण निर्यात 9.1 प्रतिशत घटकर 22.82 करोड़ डॉलर रह गया। हीरे जड़ित सोने के आभूषणों और कटे-पॉलिश किए हीरों में भी नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।</p><p> समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात 43.8 प्रतिशत घटकर मई के 28.97 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अगस्त में 16.27 करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गया।

 

 

</p><p> इसमें कहा गया कि अमेरिका को कपड़ा, परिधान और तैयार उत्पादों का निर्यात 9.3 प्रतिशत घटकर मई, 2025 के 94.37 करोड़ डॉलर से अगस्त, 2025 में 85.55 करोड़ डॉलर रह गया।</p><p> इसी प्रकार, मई तथा अगस्त, 2025 के बीच रासायनिक निर्यात 15.9 प्रतिशत घटकर 45.19 करोड़ डॉलर रह गया।</p><p> श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ अगस्त के आंकड़े उच्च शुल्क के प्रभाव को आंशिक रूप से ही दर्शाते हैं। देश ने छह अगस्त तक 10 प्रतिशत शुल्क का भुगतान किया, 27 अगस्त तक 25 प्रतिशत और 28 अगस्त के बाद ही 50 प्रतिशत शुल्क का भुगतान किया। सितंबर पहला ऐसा महीना होगा जिसमें कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, झींगा, रसायन और सौर पैनल में गिरावट और अधिक हो सकती है।’’</p><p> उन्होंने कहा कि अमेरिका को भारत का निर्यात लगातार तीसरे महीने घटा जो कि उच्च शुल्क का एक अनुमानित परिणाम है।</p><p> श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘ स्मार्टफोन और औषधि जैसे शुल्क-मुक्त निर्यात में अप्रत्याशित गिरावट काफी चिंताजनक है। इससे देश की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) के पटरी से उतरने का खतरा है। नीति- निर्माताओं और उद्योग जगत को इसके कारणों का तत्काल पता लगाने के साथ ही इस गिरावट के और बढ़ने से पहले उचित कदम उठाने चाहिए।’’</p><p> भाषा निहारिका अजय</p><p>अजय</p>

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