logo

मूड

ट्रेंडिंग:

आर्मी चीफ के ऑफिस में लगी 'नई पेंटिंग' का मतलब क्या? जानें

इंडियन आर्मी चीफ के ऑफिस से पाकिस्तान के सरेंडर वाली तस्वीर हटने के बाद वहां 'कर्म क्षेत्र' की तस्वीर लगाई गई है। इस तस्वीर के क्या मायने हैं आइये समझें।

1971 painting Replaced by New Painting karma kshatriya

कर्म क्षेत्र पेंटिंग, Photo Credit: @adgpi

शेयर करें

google_follow_us
Advertisement

16 दिसंबर 1971 की एक ऐतिहासिक तस्वीर जो नई दिल्ली के रायसीना हिल्स के साउथ ब्लॉक में मौजूद आर्मी चीफ के ऑफिस में लगाई गई थी अब वहां से हटा दी गई है। देश-दुनिया के तमाम अधिकारी जब इस ऑफिस में पहुंचते थे तो दीवार पर लगी इस तस्वीर को देखते थे जो उस दौर की कहानी खुद बंया कर देती थी लेकिन सरेंडर की 53वीं एनिवर्सरी पर इस तस्वीर को आर्मी चीफ के ऑफिस से हटा दी गई। अब वहां 'कर्म क्षेत्र' की एक पेटिंग है। ऐसे में आइये समझें कि इस नई पेटिंग के क्या मायने हैं और इसमें क्या है खासियत? 

 

नई 'कर्म क्षेत्र' की पेटिंग में क्या?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्म क्षेत्र पेंटिंग को 28वीं मद्रास रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल थॉमस जैकब ने बनाया है। इस तस्वीर को ध्यान से देखेंगे तो इसके दाईं ओर लद्दाख में भारत -चीन बॉर्डर की पैंगोंग झील दिखाई गई है। वहीं, बाईं ओर गरुड़ और महाभारत के एक रथ को दिखाया गया है जिसपर अर्जुन सवार हैं और सारथी भगवान कृष्ण हैं।

 

पेंटिंग के बैकग्राउंड में क्या?

पेंटिंग में बैकग्राउंड में बर्फ से ढंके पहाड़ और बीच में मौर्य काल के रणनीतिकार चाणक्य को उकेरा गया है। इसके अलावा सेना में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों, ट्रक, टैंक, वाहन, नाव और हेलिकॉप्टर जैसी हाई-टेक चीजों को दिखाया गया है। इस पेंटिंग का नाम 'Field of Deeds' यानी 'कर्म क्षेत्र' रखा गया है। 

 

'कर्म क्षेत्र' की पेंटिंग क्या दे रही मैसेज?

कर्म क्षेत्र पेंटिंग को भारतीय परंपराओं के साथ जोड़कर दिखाने की कोशिश की है। इसमें न्याय और कर्तव्य को दिखाया गया है। इसमें महाभारत से सीख लेते हुए सेना को देश और न्याय के रक्षक के रूप में पेश किया गया है। वहीं, चाणक्य की बुद्धि और रणनीति को दर्शाया गया जो भारतीय सेना के लिए हर समय मददगार साबित रही। 

 

भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास को दर्शाते हुए अपाचे हेलिकॉप्टर, एडवांस्ड टैंक और स्वेदेशी हथियारों को दिखाया गया है। जल, थल और वायु सेना की एक झलक दिख रही है जिससे समझ आता है कि तीनों भविष्य के लिए हमेशा से तैयार है। 

 

यह भी पढ़ें: युद्धपोत और पनडुब्बी में क्या है खास, जिसे नेवी को सौंपेंगे PM मोदी

 

माना जा रहा है कि कर्म क्षेत्र की पेंटिंग  वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत दिखाने की कोशिश कर रहा है। यह पेंटिंग उभरते खतरों से निपटने के लिए भारतीय सेना की तैयारी को दर्शाता है। सेना प्रमुख उपेन्द्र द्विवेदी ने सुझाव दिया कि नई पेंटिंग वर्तमान वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। सेना प्रमुख ने कहा कि नई पेंटिंग अतीत, वर्तमान और भविष्य का प्रतीक है।

Related Topic:#Indian Army#Army

और पढ़ें