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25 साल बाद पकड़ा गया पत्नी का हत्यारा, पंजाबी बनकर लुधियाना में छिपा था

दिल्ली पुलिस ने 25 साल से फरार पत्नी के हत्यारे को तिहाड़ जेल भेज दिया है। शख्स 2012 से पंजाब में छिपा था। उससे पहले हिमाचल प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी रह चुका है।

Police Car

सांकेतिक फोटो। (AI Generated Image)

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दिल्ली पुलिस ने पंजाब के लुधियाना से एक 58 वर्षीय शख्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस को पिछले 25 साल से उसकी तलाश थी। लुधियाना में आने के बाद शख्स ने अपनी पहचान बदल ली थी। वह धारा प्रवाह पंजाबी बोलने लगा था। लुधियाना का ही आधार और मतदाता पहचान पत्र बनवा लिया था। यहां तक कि वह कई चुनावों में मतदान भी कर चुका है।  उसके पड़ोसी जोगिंदर सिंह के नाम से जानते थे। वह यहां बढ़ई का काम करता था। 

 

सोमवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लुधियाना स्थित उसके घर पर दबिश दी तो खुलासा हुआ कि जोगिंदर का असली नाम योगिंदर सिंह है। उसने साल 1992 में अपनी पत्नी की निर्ममता से हत्या की थी। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आठ साल बाद उसे पैरोल मिली। मगर तब से वह वापस नहीं आया। 

 

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पैरोल के बाद जेल नहीं लौटा 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के पिल्लांगी गांव में 15 मार्च 1992 को योगिंदर सिंह ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। योगिंदर सिंह मूलरूप से यूपी के मुजफ्फनगर जिले का रहने वाला था और दिल्ली में एक फर्नीचर दुकान में काम करता था। कोर्ट ने हत्या मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि वारदात के आठ साल बाद जून 2000 में उसे दिल्ली हाई कोर्ट से 4 हफ्तों की पैरोल मिली। मगर जेल से बाहर निकलने के बाद योगिंदर सिंह कभी नहीं लौटा और अपनी पहचान बदलकर लुधियाना में रहने लगा।

इन राज्यों में ठहरा योगिंदर सिंह

जांच में पता चला है कि योगिंदर सिंह ने कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में काफी लंबा समय बिताया। साल 2012 में उसने पंजाब को अपना ठिकाना बनाया। यहां उसने अपना नाम योगिंदर सिंह से जोगिंदर और पिता का नाम जय प्रकाश से जयपाल कर लिया। लुधियाना में वह बढ़ई का काम करने लगा। धारा प्रवाह पंजाबी बोलना भी सीख लिया। फर्जी नाम पर पहचान पत्र तक हासिल कर लिए।

 

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एक साल से रेकी कर रही थी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बताया कि योगिंदर सिंह के फरार होने के बाद से ही जांच चल रही थी। पुलिस टीमों ने पंजाब और यूपी में 500 से ज्यादा लोगों की पहचान की। इसके बाद पिछले साल दिसंबर में दिल्ली पुलिस की एक टीम ने करीब 10 दिनों तक लुधियाना में डेरा डाला। यहां एक शख्स का हुलिया बिल्कुल हत्यारे से मिलता-जुलता था। मगर उसका नाम अलग था। डीसीपी (क्राइम) संजीव कुमार यादव का कहना है कि आखिकार 5 जनवरी को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने बाइक से भागने की कोशिश की। मगर उसे पकड़ लिया गया। अब वह तिहाड़ जेल में है।

 


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