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'अब जेल ही जिंदगी है', जमानत खारिज होने के बाद अपनी दोस्त से बोले उमर खालिद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद उमर ने अपनी दोस्त से कहा कि अब यही जिंदगी है।

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उमर खालिद और बनोज्योत्सना, Photo Credit: Social Media

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दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अन्य आरोपियों की तुलना में इन दोनों की स्थिति अलग थी। इस मामले सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उमर खालिद की प्रतिक्रिया आई है। उमर खालिद का कहना है कि अब जेल ही उसकी जिंदगी है। उन्होंने अपनी दोस्त से बात करते हुए यह बात कही। 

 

उमर खालिद की दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोमवार को उनकी और उम्र के बीच हुई बातचीत के बारे में बताया।  बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने कहा कि उमर दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में अन्य आरोपियों को जमानत मिलने से खुश हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी।

 

यह भी पढ़ें--  5 आरोपी छूटे लेकिन उमर-शरजील को नहीं मिली जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

 

दोस्त से क्या बातचीत की?

उमर की दोस्त बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर उमर और उनके बीच हुई बातचीत के बारे में लिखा। उन्होंने लिखा, 'उमर ने कहा कि मैं अन्य लोगों के लिए बहुत खुश हूं, जिन्हें जमानत मिल गई। मुझे राहत महसूस हो रही है।' बनोज्योत्सना ने उमर की इस बात के जवाब में कहा कि मैं कल मुलाकात के लिए आऊंगी। इसके जवाब में उमर ने कहा, 'हां, आ जाना। अब यही जिंदगी है।'

 

UAPA के तहत जेल में बंद 

उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में एंटी-टेररिस्ट कानून UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों पर दंगा भड़काने की साजिश का आरोप लगा है। साथ ही देशद्रोह का आरोप भी लगाया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम प्रॉसिक्यूशन और सबूतों के मामले में बाकी आरोपियों के मुकाबले अलग स्थिति में हैं यानी कोर्ट ने उन दोनों की भूमिका को अलग माना है। ऐसे में अन्य पांच आरोपियों को जमानत देने के बावजूद उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं मिली। 

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