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अपराध को USA से अंजाम देता है बिश्नोई गैंग, शूटर ने किए कई खुलासे

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर ने बताया कि भारत से फरार होकर गैंगस्टर 'डंकी रूट' के जरिए अमेरिका पहुंचते हैं। यहीं से वे भारत में अपराधों को अंजाम देते हैं।

Lawrence Bishnoi : PTI

लॉरेंस बिश्नोई । पीटीआई

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दिल्ली के एक सलून में दो लोगों की हत्या करने वाले कथित रूप से लॉरेंस बिश्नोई के शार्प शूटर हर्ष उर्फ चिंटू ने खुलासा किया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों के लिए अमेरिका पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है।

 

आरोपी ने बताया कि गैंगस्टर अमेरिका में 'डंकी रूट' का प्रयोग करके जाली पासपोर्ट के जरिए पहुंचते हैं। माना जाता है कि गोल्डी बरार, अनमोल बिश्नोई, रोहित गोदारा, मोंटी मैन और पवन बिश्नोई जैसे गैंगस्टर इसी रूट का प्रयोग करके यूएस पहुंचे हैं।

 

सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता की बात

भारत के गैंगस्टर्स द्वारा अमेरिका को अपना नया ठिकाना बनाया जाना चिंता का विषय बन गया है। ये गैंगस्टर इसलिए भी अमेरिका का रुख कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका में प्रत्यर्पण के कानून काफी कड़े हैं इसलिए वहां से प्रत्यर्पण मुश्किल होता है।

 

हर्ष ने बताया कि उसने पंजाब के जालंधर से जाली पासपोर्ट बनवाया था, जिसके जरिए वह पहले शारजाह गया, फिर अजरबेजान की राजधानी बाकू और फिर यूरोप होते हुए वह 'डंकी रूट' के जरिए यूएस जाने वाला था। 

 

22 साल के हर्ष को गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था जहां वह एक और जाली पासपोर्ट बनवाने के लिए भारत आया था।

 

योगेश उर्फ टुंडा के ऑर्डर पर करता था काम

हर्ष गैंगस्टर योगेश उर्फ टुंडा के आदेशों पर काम करता था, जिसने गोगी गैंग के सरगना की मौत के बाद उसकी जगह ली है। हर्ष के ऊपर फिरौती मांगने के पहले से ही आरोप हैं और फिरौती के आरोप में उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल मही में दिल्ली के तमाम बिजनेसमैन को धमकी देने के मामले में भी उसका नाम आया था। 

 

दिल्ली के सलून में हुई थी गोलीबारी

9 फरवरी को दिल्ली के एक सलून में सोनू तेहलान और आशीष तेहलान को गोली मार कर हत्या कर दी गई. गोलीबारी के वक्त सलून में कुछ और भी कस्टमर मौजूद थे। गोली मारने के बाद हमलावर भाग गए।

 

बाद में जांच के बाद पता चला कि हमला करने वालों का नाम संजीव कुमार उर्फ संजू दहिया और हर्ष था। यह दोनों पहले भी कई आपराधिक कृत्यों में लिप्त पाए गए थे। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 50 हजार रुपये का ईनाम रखा था।

 

हर्ष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। कथित रूप से आरोपी ने हत्या इसलिए की थी क्योंकि उन्हें शक था कि वे सूचनाएं लीक कर रहे थे।

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