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एलन मस्क का भारत आना तय, टेस्ला और स्टारलिंक की प्लानिंग क्या है?

टेस्ला के मालिक एलन मस्क इस साल के अंत टक भारत दौरा कर सकते हैं, जिससे देश में बड़े निवेश की उम्मीद बढ़ी है।

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टेस्ला और SpaceX के मालिक एलन मस्क।(Photo Credit: PTI File Photo)

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टेस्ला, SpaceX और स्टारलिंक जैसी बड़ी कंपनियों के मालिक एलन मस्क ने इस साल के अंत में भारत आने की पुष्टि की है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर हुई बातचीत के बाद हुई। दरअसल, मस्क की भारत यात्रा पहले पिछले साल तय हुई थी लेकिन किन्हीं कारणों से टल गई थी।

 

इस साल की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद भारत-अमेरिका रिश्तों में तेजी से बदलाव आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी में अमेरिका का दौरा किया था, जहां उन्होंने ट्रंप के साथ-साथ एलन मस्क से भी मुलाकात की थी। इससे पहले भी जून 2022 में मोदी और मस्क की एक मुलाकात हो चुकी थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने मस्क को भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों और स्पेस सेक्टर में निवेश का न्योता दिया था।

 

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फरवरी 2025 की मुलाकात में भी मोदी ने मस्क से आग्रह किया कि वह भारत में इनोवेशन, स्पेस रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में निवेश करें।

भारत में टेस्ला की प्लानिंग

टेस्ला की योजना भारत के दो बड़े शहरों- दिल्ली और मुंबई में शोरूम खोलने की है। दिल्ली के एरोसिटी और मुंबई के बीकेसी इलाके में शोरूम की तैयारियां चल रही हैं। साथ ही टेस्ला देशभर में चार्जिंग स्टेशन और बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए बड़े स्तर पर निवेश की योजना बना रही है। बैटरी सेल, टेस्ला कार और उनके एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का अहम हिस्सा होता है।

 

भारत में 2023 में 15 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं, और यह क्षेत्र तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार की योजनाएं, सब्सिडी और विशाल तकनीकी जनशक्ति भारत को ईवी हब बना सकती हैं। चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वॉर के कारण मस्क भारत को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

 

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स्टारलिंक की तैयारी

एलन मस्क की दूसरी बड़ी पेशकश भारत के लिए स्टारलिंक हो सकती है। यह सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है, जो देश के दूरदराज इलाकों में भी तेज़ इंटरनेट उपलब्ध करवा सकती है। हाल ही में स्टारलिंक के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में भारत सरकार के अधिकारियों से मिले। वे भारत में इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए लाइसेंस की मांग कर रहे हैं।


हालांकि भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ चिंताएं जताई हैं। सरकार चाहती है कि स्टारलिंक जैसे कंपनियां भारत में एक कंट्रोल सेंटर बनाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर किसी संवेदनशील इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद की जा सकें।


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