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रविवार व्रत का कर रहे हैं पालन तो भूलकर भी ना करें ये गलतियां

रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित है। जो लोग इस विशेष दिन पर व्रत का पालन करते हैं, उन्हें कुछ खास नियमों को ध्यान में रखना चाहिए।

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सूर्य देव। (AI)

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सनातन धर्म में रविवार के दिन भगवान सूर्य देव की उपासना का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस विशेष दिन पर भगवान सूर्य देव की उपासना करता है, उसे जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में भी इस दिन के महत्व को विस्तार से बताया गया है।

 

'रविवार' दो शब्दों से बना है, जिसमें 'रवि' का अर्थ है सूर्य देव और 'वार' का एक अर्थ दिन है, जिसे सूर्य का दिन भी कहा जाता है। कई लोग रविवार के दिन व्रत का पालन करते हैं और इस दिन कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं, इस दिन किन गलतियों से बचना चाहिए।

सूर्य को जल चढ़ाने में ध्यान रखने योग्य बातें

रविवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करने के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि सूर्य देव की उपासना में तांबे के पात्र का उपयोग करें। स्टील या प्लास्टिक के गिलास से सूर्य देव को जल न चढ़ाएं। यदि आपके पास तांबे का लोटा या पात्र नहीं है, तो हाथ से ही सूर्य देव को जल अर्पित करें।

भोजन नियमों का पालन करें

रविवार के व्रत में केवल सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। कई लोग फलाहार या निराहार व्रत का पालन करते हैं। इस दिन तामसिक भोजन, जैसे प्याज, लहसुन आदि का सेवन भूलकर भी न करें। मांस और मदिरा का सेवन भी पूरी तरह वर्जित है।

द्वेष और क्रोध से बचें

जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है, उन्हें ज्योतिष आचार्य रविवार व्रत पालन करने की सलाह देते हैं। इस दिन किसी के प्रति द्वेष की भावना नहीं रखनी चाहिए और क्रोध पर संयम रखना चाहिए। साथ ही, गरीब और जरूरतमंदों के साथ अच्छा व्यवहार करें, जिससे कुंडली में सूर्य मजबूत होता है।

दोपहर में न सोएं और झूठ से बचें

शास्त्रों में कहा गया है कि व्रत के दौरान दोपहर में सोना व्रत का फल नष्ट कर देता है। साथ ही, इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए, क्योंकि इससे व्रत का संकल्प टूट जाता है और फल प्राप्त नहीं होता।

दान-पुण्य में सतर्कता बरतें

धर्म शास्त्रों में रविवार के दिन दान-पुण्य का महत्व बताया गया है। जो लोग इस दिन दान करते हैं, उन्हें देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि झूठा खाना या फटे-पुराने कपड़े दान न करें। इससे विपरीत परिणाम हो सकते हैं और देवी-देवता नाराज हो सकते हैं।

 

Disclaimer- यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। Khabargaon इसकी पुष्टि नहीं करता।


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