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BGT 2024-25: बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का इतिहास क्या है? जान लीजिए

सुनील गावस्कर और एलन बॉर्डर के नाम से खेली जाने वाली BGT इस बार काफी चर्चा में है और हर साल इसका मुकाम बढ़ता ही जा रहा है। आइए इसके बारे में जानते हैं।

elon border and sunil gavaskar

एलन बॉर्डर और सुनील गावस्कर (फाइल फोटो)

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भारत और ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीमें टेस्ट क्रिकेट को एक और रोमांचक इतिहास देने के लिए तैयार हैं। लगभग 3 दशक पहले शुरू हुई यह सीरीज साल दर साल एक अलग मुकाम पर पहुंचती जा रही है। इस बार रोहित शर्मा की सेना से सामने पिछले चार के दमदार इतिहास को बरकरार रखने की है। वहीं, टेस्ट में नंबर 1 पर चल रही ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत को पटखनी देकर अपनी धाक जमाने के लिए पूरी कोशिश करेगी। इस सीरीज को देखने या इसके बारे में जानने से पहले इसका थोड़ा इतिहास समझ लीजिए।

 

यह सीरीज पहली बार 1996-97 में खेली गई थी। तब इस टेस्ट सीरीज में सिर्फ एक ही मैच खेला गया था। भारतीय टीम ने जीत के साथ इसकी शुरुआत की थी और तब से अब तक भारत का दबदबा जारी रही है। पहली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारत की कप्तानी सचिन तेंदुलकर ने तो ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी मार्क टेलर ने की थी। यह सीरीज कभी ऑस्ट्रेलिया तो कभी भारत में खेली जाती रही है। बता दें कि इस सीरीज का नाम भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर के नाम पर रखा गया है।

अब तक कौन, कितनी बार जीता?

 

अब तक के कुल 27 साल में यह सीरीज 16 बार खेली गई है। इसमें से 10 बार भारत ने जीत दर्ज की है तो पांच बार ऑस्ट्रेलिया ने इस सीरीज पर कब्जा जमाया है। यह सीरीज सिर्फ एक बार बराबरी पर छूटी है। यह सीराज 7 बार ऑस्ट्रेलिया में खेली गई है और 9 बार भारत में इसका आयोजन किया गया है। ऑस्ट्रेलिया में खेली गई BGT में से दो बार भारत ने जीत दर्ज की है, एक सीरीज बराबर रही है और 4 बार ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की है। यानी ऑस्ट्रेलिया अपने घरेलू मैदानों पर हावी रही है। 

 

भारत के लिए अच्छी बात यह है कि 2019 और 2021 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई BGT में भारत ने जीत हासिल की है। इतना ही नहीं, पिछले चार बार से भारत ही इस सीरीज को जीतती आ रही है। पिछले चार बार से भारत ने इस सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाया है। इस बार यह सीरीज ऑस्ट्रेलिया में खेली जानी है और इस बार मैच भी 5 होने हैं। 

 

पहले मैच में भारतीय टीम अपने नियमित कप्तान रोहित शर्मा, ओपनर शुभमन गिल और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के बिना ही उतरने वाली है ऐसे में नए खिलाड़ियों पर दबाव भी ज्यादा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में बुरी तरह हाने के बाद टीम इंडिया पर दबाव भी ज्यादा है क्योंकि यही सीरीज अब भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का रास्ता भी खोलने वाली है।

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