logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पाकिस्तान के कोच ने प्लेयर्स को गाली देने को लेकर क्या कहा?

पाकिस्तान के अंतरिम कोच आकिब जावेद ने चैंपियंस ट्रॉफी के बीच सनसनीखेज बयान दिया है। बल्लेबाजों के इंटेंट पर उठ रहे सवाल को लेकर जावेद ने कुछ ऐसा कहा जिस पर बहस शुरू हो गई है।

Aaqib Javed

आकिब जावेद। (Photo Credit: स्क्रीनग्रैब - PCB/X)

शेयर करें

google_follow_us
Advertisement

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से पाकिस्तान की टीम बाहर हो चुकी है। 29 साल बाद किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे पाकिस्तान को एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। उन्हें पहले मैच में न्यूजीलैंड ने मात दी थी। इसके बाद टीम इंडिया के खिलाफ पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान की हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजों के खराब इंटेंट को माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के बाद अंतरिम कोच आकिब जावेद ने उन्हें भला-बुरा कहा था। 

 

हालांकि आकिब जावेद ने इन रिपोर्ट्स का खंडन किया है। उन्होंने पाकिस्तान-बांग्लादेश मैच से पहले कहा, 'मैं खिलाड़ियों को बिल्कुल नहीं डांटता। हमारे कल्चर में टीचर डांटता है, मारता है, कोच डांटता है और गालियां देता है। लेकिन मैं इस पर विश्वास नहीं करता। मैं खिलाड़ियों का सम्मान करता हूं। आप उनकी मदद कर सकते हैं। आप उन्हें जो चाहें अभ्यास करा सकते हैं। मैं उनमें से नहीं हूं जो लोगों को डांट सकता है या उन्हें कुछ भी कह सकता है।'

 

आकिब जावेद के इस बयान के बाद पाकिस्तान क्रिकेट जगत में बवाल मच गया है। चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के खराब प्रदर्शन के बीच जावेद ने नई बहस छेड़ दी है।

 

यह भी पढ़ें: भारत के सभी मैच दुबई में ही क्यों, ICC की क्या है मजबूरी?

 

पाकिस्तान का क्यों है बुरा हाल?

 

पूर्व तेज गेंदबाज ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर भी निशाना साधा है। उनका मानना है कि पीसीबी में लगातार हो रहे बदलाव के कारण भी टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ा है, जिससे आईसीसी टूर्नामेंट्स में बुरा हाल है। पाकिस्तान की टीम वनडे वर्ल्ड कप 2023, टी20 वर्ल्ड कप 2024 और अब चैंपियंस ट्रॉफी से भी पहले राउंड से बाहर हो गई है। 

 

आकिब जावेद ने कहा, 'क्रिकेट बोर्ड में निरंतरता चाहिए। क्योंकि अगर आप पिछले 4-5 साल में देखें तो बोर्ड में कई बदलाव आए हैं। जब तक आप किसी पॉलिसी को लंबे समय तक चलने नहीं देंगे, तब तक आपको स्थिरता नहीं मिलेगी। हम खिलाड़ियों की बात करते हैं। हम उनकी तुलना दूसरी टीमों से करते हैं। आपको बोर्ड की भी तुलना करनी चाहिए। आप कंसिस्टेंट नहीं होंगे, तो मुश्किल तो होगा ही।'

 

यह भी पढ़ें: चैंपियंस ट्रॉफी में सुरक्षा में चूक? सैकड़ों पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज


और पढ़ें