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टीम को जिताने पर भी नहीं मिली पहचान, श्रेयस अय्यर का छलका दर्द

श्रेयस अय्यर ने पिछले साल अपनी कप्तानी में केकेआर को आईपीएल चैंपियन बनाया था। हालांकि फिर भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन नहीं किया।

Shreyas Iyer Champions Trophy

चैंपियंस ट्रॉफी को चूमते श्रेयस अय्यर। (Photo Credit: Shreyas Iyer/X)

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भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत के हीरो श्रेयस अय्यर ने पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। श्रेयस ने फरवरी 2024 में टेस्ट टीम में अपनी जगह गंवा दी। इसके बाद उन्हें बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर कर दिया गया। श्रेयस इन सब चीजों से घरबाए नहीं और खुद को निखारने पर फोकस किया। श्रेयस की यह मेहनत चैंपियंस ट्रॉफी में दिखी। वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन (243) बनाने वाले बल्लेबाज रहे। श्रेयस ने टीम इंडिया को कई बार मुसीबत से निकाला। कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें'साइलेंट हीरो' कहकर तारीफ की। 

 

श्रेयस अय्यर ने पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को आईपीएल ट्रॉफी दिलाई थी। हालांकि केकेआर ने उन्हें आईपीएल 2025 के लिए रिटेन नहीं किया। श्रेयस मेगा ऑक्शन में उतरे और आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे महंगे प्लयेर बने। पंजाब किंग्स ने इस धाकड़ खिलाड़ी को 26.75 करोड़ रुपए में खरीदा। पंजाब ने उन्हें कप्तान भी बनाया है। अब चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद श्रेयस ने एक इंटरव्यू में कहा है कि केकेआर को चैंपियन बनाने के बावजूद उन्हें वह पहचान नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।  

 

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श्रेयस ने क्या-क्या कहा?

 

श्रेयस ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीने उनके लिए बहुत शानदार रहे हैं। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'बेहद संतोषजनक है। सच कहूं तो यह एक जर्नी रही है और मैंने अपने जीवन के इस दौर में बहुत कुछ सीखा है, जहां 2023 वनडे वर्ल्ड कप खेलने के बाद मैं कॉन्ट्रैक्ट से बाहर हो गया था। मैंने फिर से आकलन किया कि मैं कहां गलत हो रहा था, मुझे क्या करना चाहिए, मुझे अपनी फिटनेस पर कितना ध्यान देना चाहिए। मैंने खुद से ये सारे सवाल पूछे। एक रूटीन तैयार किया और अपनी ट्रेनिंग के साथ-साथ नए स्किल्स पर फोकस करना शुरू कर दिया।'

 

उन्होंने कहा, 'जब मुझे घरेलू क्रिकेट में लगातार मैच खेलने का मौका मिला तो मुझे समझ आया कि मेरे लिए फिटनेस कितनी अहम है, खासकर जब मैंने साल की शुरुआत में अपनी चिंताएं जताई थीं। कुल मिलाकर मैं खुद से बेहद खुश हूं, जिस तरह से मैं इससे बाहर आया, जिस तरह से मैंने स्थिति को संभाला और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैंने खुद पर विश्वास किया।'

 

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जिताने पर भी नहीं मिली पहचान

 

श्रेयस ने आगे कहा, 'फ्रस्ट्रेशन तो नहीं था क्योंकि मैं आईपीएल खेल रहा था। मेरा ज्यादा ध्यान आईपीएल जीतने पर था और शुक्र है कि मैंने इसे जीता लेकिन पर्सनली मुझे लगा कि आईपीएल जीतने के बाद मुझे वह पहचान नहीं मिली जो मैं चाहता था।'


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