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'मराठी का अपमान होगा तो बात आगे बढ़ सकती है', आदित्य ठाकरे की चेतावनी

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मराठी या फिर महाराष्ट्र का कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Aaditya Thackeray

आदित्य ठाकरे। Photo Credit- PTI

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शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र में गहराते भाषा विवाद के बीच बड़ा बयान दिया। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि मराठी या फिर महाराष्ट्र का कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आदित्य ने यह बयान उस घटना के बाद दिया है, जिसमें मीरा रोड में एक मिठाई की दुकान के मालिक को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने मराठी भाषा ना बोलने की वजह से पीटा था। 

 

आदित्य ठाकरे ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हम चाहते हैं कि हमारी मातृभाषा मराठी का अपमान न हो और कोई भी भाषा जबरन थोपी न जाए। हम नहीं चाहते कि कोई भी कानून अपने हाथ में ले लेकिन जब इसका उल्टा होता है और मराठी या महाराष्ट्र का अपमान होता है, तो चीजें बढ़ सकती हैं।'

 

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घटना को मराठी बनाम हिंदी की ओर मोड़ा

आदित्य ठाकरे का यह बयान ठाणे से एक ताजा वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद आई है, जिसमें कथित तौर पर पूर्व सांसद राजन विचारे के ऑफिस में व्यापारियों को मराठी न बोलने पर पीटा जा रहा है। हालांकि, तनाव को शांत करने की कोशिश करते हुए आदित्य ठाकरे ने इस घटना को मराठी बनाम हिंदी की बहस से मोड़ दिया। 

 

राजन विचारे से बात की- आदित्य

उन्होंने कहा, 'मैंने वीडियो पर राजन विचारे जी से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि यह न तो मराठी और गैर-मराठी के बारे में है, न ही महाराष्ट्र और उत्तर भारत के बारे में है, न ही किसी समुदाय या समाज के बारे में है।' उन्होंने कहा, 'एक अधिकारी अपना फोन चार्ज करने के लिए दुकान में गया था लेकिन उसे फोन चार्ज करने से मना कर दिया गया। इसकी वजह से झगड़ा हुआ और शख्स को पीटा गया। एक महिला ने शख्स को बचाया। इसको लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है।'

 

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मीरा रोड पर हुई घटना

दरअसल, यह घटना शनिवार शाम मीरा रोड पर हुई, जहां तीन लोग, जिन्हें बाद में एमएनएस कार्यकर्ता बताया गया, एक मिठाई की दुकान के मालिक बाबूलाल खिमजी चौधरी से मराठी नहीं बोलने को लेकर भिड़ गए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हुई और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। वीडियो में दुकानदार कहता है, 'मुझे नहीं पता था कि मराठी अनिवार्य है। कोई तो सिखाएगा' जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ी, दो लोगों ने दुकानदार को बार-बार थप्पड़ मारे, उनमें से एक ने कई बार थप्पड़ मारे। एक अन्य व्यक्ति को दुकानदार को धमकी देते हुए सुना गया कि वह अब उस इलाके में दुकान नहीं चला पाएगा।

 

बाबूलाल खिमजी ने बताया कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएं बोली जाती हैं तो वे लोग आक्रामक हो गए। मामले को लेकर सात अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

एमएनएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर 

घटना के बाद सात एमएनएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें अशांति फैलाने के आरोप भी शामिल हैं। बता दें कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली एमएनएस तीन-भाषा फॉर्मूले का विरोध करती रही है। पार्टी ने शनिवार को मुंबई में इस नीति के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन भी करने की योजना बनाई थी, जिसमें महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी और मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया गया है।


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