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'डेथ सर्टिफिकेट, टिकट रिफंड', विदेशियों को लूट रहा था, हुआ गिरफ्तार

दिल्ली में एक गिरोह अमेरिकी और ब्रिटेन व अन्य विदेशी नागरिकों को नकली डेथ सर्टिफिकेट और फ्लाइट की टिकट बुकिंग के जरिए ठग रहा था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: Meta AI

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा के लोगों को नकली मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे फर्जी दस्तावेजों के जरिए एयरलाइन रिफंड सिस्टम का दुरुपयोग करके ठगता था।

 

यह घोटाला दिल्ली के कीर्ति नगर में स्थित AVS हॉलिडेज नामक कंपनी द्वारा चलाया जा रहा था, जो बाहर से एक वैध ट्रैवल एजेंसी की तरह दिखती थी। इस मामले में मुख्य आरोपी अक्षय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। 24 जून को छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई डिजिटल डिवाइस और फर्जी दस्तावेज जब्त किए।

 

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कैसे होती थी धोखाधड़ी? 

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने डिजिटल मार्केटिंग टूल्स जैसे सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), सोशल मीडिया ऐड और ऑनलाइन विज्ञापनों का इस्तेमाल किया। ये विज्ञापन इस तरह बनाए गए थे कि ये सर्च रिजल्ट में असली सर्विस प्रोवाइडर्स से ऊपर दिखाई दें।

 

जब कोई व्यक्ति इन फर्जी विज्ञापनों पर क्लिक करता, तो ठग बुकिंग सहायता के बहाने उनकी संवेदनशील वित्तीय जानकारी, जैसे कार्ड नंबर और CVV, हासिल कर लेते। इसके बाद, वे पीड़ितों के नाम पर टिकट बुक करते और बिना उनकी जानकारी के टिकट रद्द कर देते। फिर, फर्जी मेडिकल और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एयरलाइंस से पूरा रिफंड मांगते।

 

पीड़ित लोगों को या तो फर्जी कैंसिलेशन फीस काटकर आंशिक रिफंड दे दिया जाता या बिल्कुल भी पैसा वापस नहीं किया जाता। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में सैकड़ों फर्जी दस्तावेज मिले, जिनका इस्तेमाल इस धोखाधड़ी के लिए किया गया।

आरोपी ने कबूला गुनाह 

पूछताछ में मुख्य आरोपी अक्षय शर्मा ने कबूल किया कि उसने कई साल तक ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी कॉल सेंटर चलाए। उसने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका और अन्य विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता था और खुद को अधिकृत फ्लाइट बुकिंग एजेंसी के रूप में पेश करता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने एयरलाइन रिफंड सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और कम्युनिकेशन में हेरफेर की।

 

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पुलिस कर रही जांच 

पुलिस ने इस मामले में IT एक्ट की कई धाराओं के तहत स्पेशल सेल थाने में FIR दर्ज की है। अक्षय शर्मा के साथियों का पता लगाने और इस घोटाले के पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि यह मामला साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे को दर्शाता है और लोगों को ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

 


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