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धर्म-कर्म
पूजा में इन चीजों का दोबारा उपयोग करें लेकिन इनसे रहें दूर
हिंदू धर्म में शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में एक बार अर्पित की गई कुछ वस्तुएं ‘निर्मल्य’ हो जाती हैं और उनका दोबारा उपयोग दोषपूर्ण माना जाता है।
धर्म-कर्म
घर छोटा है, जगह कम है, खड़े होकर पूजा कर सकते हैं या नहीं?
हिंदू धर्म में पूजा को बहुत महत्व दिया गया है। जगह की कमी होने पर खड़े होकर पूजा करना सही है या नहीं, इसे लेकर लोगों के बीच कई तरह की भ्रांतियां बनी हुई हैं।
धर्म-कर्म
कन्या राशि वालों का कैसा रहेगा साल 2026? राशिफल से लेकर उपाय तक सब समझें
साल 2026 में कन्या राशि वाले जातकों पर बुध ग्रह का गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं साल 2026 की राशिफल के अनुसार, कन्या राशि वालों का साल कैसा रहेगा।
धर्म-कर्म
शादी के 27 गुणों का महत्व क्या है, नक्षत्रों से जुड़ा पूरा अर्थ
हिंदू ज्योतिष में शादी से पहले 36 गुणों का मिलान किया जाता है, जिसमें 27 या उससे अधिक गुणों का मिलना बेहद शुभ माना जाता है। गुणों के साथ-साथ नक्षत्रों का मेल भी विवाह की सफलता के लिए जरूरी होता है।
धर्म-कर्म
नक्षत्रों का जन्म कैसे हुआ था, कितने तरह के होते हैं नक्षत्र?
खगोल विज्ञान में नक्षत्र एक विशेष जगह रखते हैं। लोगों को नक्षत्रों के बारे में जानने की जिज्ञासा भी होती है। इसलिए इसके बारे में जानना ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण भाग है।
धर्म-कर्म
ज्योतिष में महादशाएं क्या होती हैं, क्यों इसे बुरा मानते हैं लोग?
ज्योतिष में महादशा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। लोग इसे बहुत बुरा मानते हैं। लोगों में इसे लेकर कई भ्रांतियां है जिसे जानने की जरूरत है।
धर्म-कर्म
लायंस गेट पोर्टल: ज्योतिष में क्या है 8 अगस्त की अहमियत?
आधुनिक ज्योतिष में लायंस गेट पोर्टल को बहुत ही अहमियत दी जाती है। आइए जानते हैं क्या है 8 अगस्त को बनने वाला याला संयोग।
धर्म-कर्म
पंचक के 5 दिनों में नए काम की शुरुआत क्यों मना है?
ज्योतिष शास्त्र में पंचक के 5 दिनों को कुछ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं इसका अर्थ और क्या है महत्व।
धर्म-कर्म
साल 2025 में कब लगेगा चंद्र ग्रहण? जानिए तिथि
ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं वर्ष 2025 में कब-कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
धर्म-कर्म
क्यों पंचक को माना जाता है खतरनाक? जानिए कारण
ज्योतिष शास्त्र में पांच के दिन के अशुभ मुहूर्त में पंचक का नाम से अधिक लिया जाता है और इसे सबसे खतरनाक भी माना जाता है। जानते हैं कारण-
धर्म-कर्म
राहु और केतु को क्यों कहा जाता है पाप ग्रह?
ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को पाप ग्रह का नाम दिया गया है, जबकि उन्हें अमरता का वरदान प्राप्त था। जानिए कारण और कथा-
धर्म-कर्म
कार्तिक पूर्णिमा पर धरती पर आते हैं भगवान, जानिए इसका महत्व
हिन्दू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कब रखा जाएगा कार्तिक पूर्णिमा व्रत और इस दिन का महत्व।

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