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धर्म-कर्म
कजरी तीज व्रत कब है, कथा और मान्यता क्या है, जानिए पूजा विधि
कजरी तीज एक प्रमुख हिंदू व्रत है, इस व्रत को बहुत ही पुण्यदायी और महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं, व्रत की तिथि और व्रत कथा।
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तबाही के मलबे में छिप गया उत्तरकाशी का कल्प केदार मंदिर
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित कल्प केदार मंदिर एक बार फिर तबाही आने के बाद मलबे में दब गया है। आइए जानते हैं इस मंदिर की पौराणिक कथा और महत्व।
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11 महीने डूबे रहने वाले रत्नेश्वर महादेव मंदिर की कहानी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर अपनी पौराणिक मान्यताओं और रहस्य के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़े रहस्य।
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बागनाथ मंदिर: भगवान शिव ने जहां दिए थे बाघ के रूप में दर्शन
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित बागनाथ मंदिर भगवान शिव का धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है।
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सावन का आखिरी सोमवार, क्या करें, क्या न करें? सब जानिए
श्रावण मास के चौथे और आखिरी सोमवार के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती हैं, इस दिन विशेष मनोकामना पूर्ति अनुष्ठान भी किया जाता है।
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लाखामंडल मंदिर: जहां पांडवों ने की थी भगवान शिव की आराधना
उत्तराखंड के देहरादून में स्थित भगवान शिव को समर्पित लाखामंडल मंदिर की कथा महाभारत काल से जुड़ी है। आइए जानते हैं इस मंदिर का महत्व और पौराणिक मान्यताएं।
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दक्षेश्वर महादेव मंदिर: जहां सती ने किया था आत्मदाह
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव और माता सती के जीवन से जुड़े एक प्रसिद्ध कथा से संबंधित है। आइए जानते हैं इस मंदिर की पौराणिक मान्यता और महत्व।
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रुद्रनाथ मंदिर: जहां की जाती है भगवान शिव के मुख की पूजा
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित रुद्रनाथ मंदिर भगवान शिव के पांच महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। आइए जानते हैं इस मंदिर की पौराणिक मान्यता और महत्व।
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शिव, शंकर और शंभू , जानें इन तीनों नाम के रहस्य
भगवान शिव को उनके अलग-अलग गुणों और स्वरूपों के अनुसार कई नामों से पुकारा जाता है। इन नामों में 'शिव', 'शंकर' और 'शंभू' प्रमुख हैं, आइए जानते हैं इसके पीछे के महत्व।
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लंका जाते समय श्री राम ने की थी महादेव की पूजा
भगवान शिव के विभिन्न स्तुति का उल्लेख किया गया है, इन्हीं में से एक प्रभावशाली स्तुति श्रीराम रचित शंभू स्तुति भी है। आइए जानते हैं इसका अर्थ और महत्व।
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यहां साल में सिर्फ एक दिन होते हैं नाग देव के दर्शन
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित नागचंदेश्वर मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यह मंदिर साल में सिर्फ एक बार ही खुलता है।
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महादेव के आभूषण में नाग कैसे बने हिस्सा? जानें पूरी कथा
भगवान शिव के आभूषणों में नाग देवता को सबसे प्रमुख स्थान दिया गया है। आइए जानते है भगवान शिव का नाग देवता से क्या संबंध है।

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