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धर्म-कर्म
मसरूर रॉक-कट मंदिर: चट्टानों को काटकर बनाए गए इस मंदिर का इतिहास क्या है?
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित मसरूर रॉक कट मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं इस मंदिर की विशेषता क्या है।
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उग्रतारा मंदिर: वह स्थान जहां होती है देवी पार्वती के उग्ररूप की पूजा
गुवाहाटी में स्थित उग्र तारा देवी मंदिर अपने रहस्य और मान्यता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता भी लोगों के बीच बहुत प्रचलित हैं।
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नवग्रह मंदिर: जहां मंदिर में स्थित नौ शिवलिंग करते हैं नवग्रहों का प्रतिनिधित्व
गुवाहाटी के चित्रशाल पहाड़ी पर स्थित नवग्रह मंदिर अपनी मान्यताओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस स्थान पर देवी-देवताओं की नहीं बल्कि नवग्रहों की विशेष पूजा की जाती है।
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क्या उमानंद मंदिर में दर्शन करने के बाद ही पूरा होता है कामाख्या देवी का दर्शन?
कामाख्या देवी में दर्शन करने वाले बहुत से श्रद्धालु मानते हैं कि बिना उमानंद मंदिर में दर्शन किए कामाख्या देवी का दर्शन नहीं पूरा होता है। आइए जानते हैं कि क्या यह करना जरुरी होता है।
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उडुपी मठ: जहां झरोखों से कृष्ण को झांकते हैं भक्त
कर्नाटक में स्थित उडुपी श्री कृष्ण मठ मंदिर दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध और पूजनीय मंदिरों में से एक है, इस मंदिर की विशेषताएं और पौराणिक मान्यताएं भी बहुत प्रसिद्ध है।
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श्रीनाथ मंदिर: जहां फंसी बैलगाड़ी, वहीं बन गया कृष्ण का धाम
राजस्थान में श्रीनाथ मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को समर्पित है। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी प्रसिद्ध पौराणिक कथा और महत्व।
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पंढरपुर मंदिर: भगवान कृष्ण स्वयं करते हैं भक्तों का इंतजार
महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण के इस मंदिर को विठोबा मंदिर के नाम से भी जानते हैं, इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी का एक साथ दर्शन होता है।
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तबाही के मलबे में छिप गया उत्तरकाशी का कल्प केदार मंदिर
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित कल्प केदार मंदिर एक बार फिर तबाही आने के बाद मलबे में दब गया है। आइए जानते हैं इस मंदिर की पौराणिक कथा और महत्व।
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11 महीने डूबे रहने वाले रत्नेश्वर महादेव मंदिर की कहानी
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर अपनी पौराणिक मान्यताओं और रहस्य के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़े रहस्य।
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बागनाथ मंदिर: भगवान शिव ने जहां दिए थे बाघ के रूप में दर्शन
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित बागनाथ मंदिर भगवान शिव का धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है। इस मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है।
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लाखामंडल मंदिर: जहां पांडवों ने की थी भगवान शिव की आराधना
उत्तराखंड के देहरादून में स्थित भगवान शिव को समर्पित लाखामंडल मंदिर की कथा महाभारत काल से जुड़ी है। आइए जानते हैं इस मंदिर का महत्व और पौराणिक मान्यताएं।
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दक्षेश्वर महादेव मंदिर: जहां सती ने किया था आत्मदाह
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव और माता सती के जीवन से जुड़े एक प्रसिद्ध कथा से संबंधित है। आइए जानते हैं इस मंदिर की पौराणिक मान्यता और महत्व।

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