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राज्य
'बांग्लादेश जैसा हाल न हो..', कांकेर का उदाहरण देकर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अब हिंदुओं के एकजुट होने का समय आ गया है ताकि भारत में बांग्लादेश वाली स्थिति न पैदा हो।
धर्म-कर्म
सावन शिव का, फिर भाद्रपद से चैत्र के देवता कौन? कहानी जानिए
हिंदू धर्म में साल के बारह महीने अलग-अलग देवताओं से जुड़े हुए माने जाते हैं, इनसे जुड़ी कथाएं भी प्रचलित हैं।
धर्म-कर्म
काशी विद्वत परिषद लाया हिंदू कोड, शादी-दहेज पर बनाए नए नियम
काशी विद्वत परिषद के अनुसार ने 400 पन्नों की नई हिंदू आचार संहिता तैयार की है। आइए जानते हैं इसमें क्या बड़े बदलाव हुए हैं।
राज्य
गले में सांप, नदी किनारे नाच, बिहार के इस मेले में खास क्या?
बिहार के समस्तीपुर जिले में नाग पंचमी के अवसर पर लोग गले में सांप डालकर करतब दिखाते हैं। इस दिन सांपों की पूजा की जाती है और हजारों लोग मेला देखने आते हैं।
देश
2 बच्चों के साथ गुफा में मिली रूसी महिला, कैसे जिंदा बचे?
हिंदू धर्म से प्रभावित एक रूसी महिला गुफा में पूजा पाठ और आध्यात्म में जुटी थी। उसके साथ दो बच्चे भी थे। पिछले दो हफ्तों से महिला और उसके बच्चे कैसे जीवित बचे? इसका खुलासा नहीं हो सका है।
देश
सबसे तेज बढ़ रही मुस्लिमों की जनसंख्या, हिंदुओं का हाल जानिए
दुनिया भर में मुस्लिम आबादी सबसे तेजी से बढ़ रही है। भारत में ही मुस्लिमों की संख्या में करीब 3.56 करोड़ का इज़ाफा हुआ है। यह जानकारी प्यू रिसर्च की एक रिपोर्ट में सामने आई है।
धर्म-कर्म
पाताल भुवनेश्वर मंदिर: गुफाओं से प्रलय का नाता क्या है?
मान्यता के अनुसार, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर के मंदिर में दुनिया के खत्म होने का रहस्य छिपा है। इस मंदिर के दर्शन करने के लिए संकरे रास्तों वाली गुफा में जाना पड़ता है।
धर्म-कर्म
नहाय खाय से हुई चैती छठ महापर्व की शुरुआत
आज से चैती छठ का महापर्व शुरू हो गया है। इस पर्व की शुरुआत नहाय खाय से होती है। इस दिन व्रती नहाने के बाद सात्विक भोजन करती हैं।
धर्म-कर्म
कब से शुरू हो रहा है हिंदू नववर्ष? जानिए तिथि
हिंदू धर्म में नववर्ष का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं कब से शुरू हो रहा है विक्रम संवत 2082 और क्या है इस दिन का महत्व।
धर्म-कर्म
अध्यात्म की ओर लौटना चाहते तो क्या होना चाहिए पहला कदम
कोई व्यक्ति अध्यात्म की ओर लौटना चाहता है तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यहां विस्तार से जानिए।
धर्म-कर्म
संस्कारों का कैसे हो उत्थान, जानिए इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें
बच्चो में अच्छे संस्कार की चाह हर माता-पिता की रहती है। हालांकि, आधुनिक समय में संस्कारों में कितना परिवर्तन आया है, जानिए आचार्य डॉ. भोला झा जी से।
धर्म-कर्म
क्या कथावाचक को संत कहना है सही? विस्तार से जानिए
कई बार लोग नागा साधु, अघोरी और साधुओं को एक मानने की गलती कर बैठते हैं। आइए जानते हैं कि इनमें अंतर क्या है और इनके साधन का मार्ग कैसे अलग है।

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